परिचय-
आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि की कार्यविधि के लिए आवश्यक है जो शक्ति का निर्माण करती है, हानिप्रद कीटाणुओं को मारती है और इसके हार्मोन्स थॉयरॉक्सीन की कमी को पूरा करते हैं।
आयोडीन मन और तन को शान्त करती है, तनाव कम करती है, मस्तिष्क को सतर्क रखती है और बाल, नाखून, दांत और त्वचा को सर्वोत्तम हालत में रखती है।
आयोडीन की कमी से गर्दन के नीचे थायरॉइड की सूजन हो सकती है और हार्मोन का उत्पादन बन्द हो सकता है जिससे शरीर के सभी संस्थान अव्यवस्थित हो जाएंगे। इसकी कमी से मन्द मानसिक प्रतिक्रियाएं, धमनियों का कड़ापन और मोटापन हो सकता है।
यद्यपि पूरे शरीर में केवल 10-12 मिलीग्राम आयोडीन होता है किंतु इसके बिना जीवित रहना सम्भव नहीं है। आयोडीन कोलेस्ट्रॉल की रासायनिक संश्लेषण में सहायता करता है और धमनियों में कोलेस्ट्रॉल चर्बी को भी डालता है।
यदि शरीर में आयोडीन की अधिकता है तो नाक में नमी अधिक होगी। पानी में ली गई क्लोरीन शरीर से आयोडीन की अधिकता को निकालने का कारण होती है।
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